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  • September 30, 2020

निशानी

निशानी

याद है ,
तुम्हारे दिल पर जो तिल है,
मैंने एकबार उसे तुम्हारे कहने पर चूमा था ?
तुम्हें अधर महसूस हुए क्या वहां फिर कभी ?
मेरे होठों पर तो तिल उभर आया था तभी !
देखना तुम्हारे दिल पर तिल है क्या अब भी ?
©®#Sugyata सुजाता

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