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  • September 30, 2020

सोचो

सोचो,
किसी दिन कोई पंछी तुम्हेें
दाना समझकर चुगने लगें तो ?

किसी दिन कोई मामूली हवा का झोंका
तुम्हें तिनके की तरह उड़ा कर ले जाए तो ?

किसी दिन सर्कस के रिंग में तुम्हें
शेर के कहने पर उठक-बैठक करनी पड़े तो?

किसी दिन कोई पेड़ आकर
तुम्हें बीच में से काट डाले तो?

किसी दिन समंदर में तुम
आक्सीजन ढूंढते तैर रहे हों,
और मछलियां तुम्हे जाल में फंसा कर
बाहर निकाल लें तो?

किसी दिन तुम पिंजरे में से
केले के लिए हाथ बढ़ाओ,
और कोई बंदर तुम्हें बिस्किट दे जाए तो?

किसी दिन इंसानियत की तलाश में
ईश्वर धरती पर आए और
तुम्हारा टैस्ट कराकर,
‘इंसानियत नैगेटिव ‘ रिपोर्ट दे जाएं तो ?

Image credits Luis Loro

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