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  • November 30, 2020

तेरे जैसा यार कहां !

तेरे जैसा यार कहां !


‘हर गैर-अपना जब मुझसे बेज़ार नज़र आता है
बस एक तू ही तब अपना मुझे यार नज़र आता है !’

पूरे दिन की आपाधापी और मारामारी के बाद जब आप घर पहुंचते हैं तो शायद आपको अंदाजा़ भी नहीं होगा कि कोई ऐसा भी है जो सुबह आपके घर से निकलने से लेकर आपकी वापसी तक आपका कुछ इस बेसब्री से इंतज़ार करता है|
जी हां , वो है आपका प्यारा ,दुलारा और आंखों का तारा ‘पेट डाग!’
इसके जैसा यार कहीं नहीं मिल पाएगा|
यही एक है जो आपको निश्चल और निस्वार्थ प्रेम करता है|
मेरा मानना है कि हर घर में एक ऐसा प्यारा दोस्त होना बहुत ज़रूरी है | बड़ों के साथ-साथ बच्चों का भी मन लगा रहता है|
और ये आपके बच्चे की एक दोस्त और खिलौने, दोनों की कमी एक साथ पूरी कर देगा।
जी हां…एक पालतू डाग !
और ये सिर्फ मैं ही नही कह रही हूं ,पेट्स को लेकर जितने भी रिसर्च किए गए हैं सभी यही कह रहे हैं कि अपने बच्चे को जन्मदिन पर कोई पेट उपहार में दीजिए।

रिसर्चर्स का कहना है कि पालतू जानवरों की सोहबत में रहने से बच्चे अधिक बुद्धिमान बनते हैं। एक अमेरिकन सर्वे के अनुसार, जिन बच्चों ने पालतू जानवर रखे थे, वो अपने बाकी दोस्तों के मुकाबले पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देते थे और उनके ग्रेडस भी अन्य बच्चों से काफी बेहतर रहे।

वाइल्ड लाइफ टीवी कार्यक्रम के होस्ट प्रेजेंटर माइकल स्ट्रेशान ने कहा, ‘जब भी किसी पालतू जानवर को घर में लाया जाता है तो वह पूरे परिवार के लिए सबसे अधिक खुशी का क्षण होता है। बच्चे तो जैसे उसके दीवाने हो जाते हैं, साथ ही इससे एक बच्चे में जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, उसका दूसरों के प्रति प्यार और प्रेम का भाव बढ़ता है और जिससे आगे चलकर उसमें आत्मविश्वास आता है। पालतू कुत्ता होने की स्थिति में इससे बच्चे घर से बाहर जाने के लिए भी उत्साहित होते हैं। उसे घुमाने का एक अलग ही मज़ा होता है।’
एक पालतू कुत्ता आपको कभी बोर नही होने देता। एक अन्य रिसर्च से पता लगा है जिन बच्चों को पढ़ने में कठिनाई होती थी तब उन्होंने किसी प्रशिक्षित कुत्ते और उसके ट्रेनर के सामने ऊंची आवाज में पढ़ा तो उनमें घबराहट के लक्षण कम पाए गए। ह्यूमन-एनिमल टफ्ट्स इंस्टीटूयूट की डायरेक्टर लीजा फ्रीमैन बताती हैं, इन बच्चों का रुख बदल गया और उनके कौशल में सुधार आया। अक्सर लोग बच्चों की सेहत की वजह से पेट्स को पालने से मना कर देते हैं, लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी के मुताबिक पेट्स का साथ बच्चों की हेल्थ के लिए अच्छा होता है।

अभी तक घर में पेट्स पालने वाले इसी बात को लेकर परेशान रहते थे कि इससे उनके बच्चे की सेहत पर खराब असर पड़ सकता है। लेकिन इस स्टडी ने उनके सभी शक दूर कर दिए हैं। इस स्टडी में घर में पेट्स होने से बच्चों की हेल्थ पर होने वाले तमाम इफेक्ट्स का अध्ययन किया गया है। पशु प्रेमियों के लिए इस स्टडी में अच्छी खबर यह है कि घर में पेट्स रखने से बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। अगर आप छह साल की उम्र तक के किसी डॉगी को अपने घर में रखते हैं, तो उसके कॉन्टैक्ट में आने वाले बच्चे को फीवर और अस्थमा होने की शिकायत कम होती है। इसी तरह कम उम्र के बिल्ली के कॉन्टैक्ट में रहने से बच्चों को ग्रास पोलन एलर्जी होने के चांस कम हो जाते हैं।

रिसर्च में पालतू जानवरों को बच्चों के लिए फायदेमंद बताने के लिए गांवों में रहने वाले लोगों के बच्चों पर उनका इफेक्ट बताया गया है। सभी जानते हैं कि किसानों के बच्चे रोजाना अपने घरों में रहने वाले पालतू जानवरों के संपर्क में आते हैं। बचपन से जानवरों के संपर्क में आने से उन बच्चों का इम्यून सिस्टम इतना मजबूत हो जाता है कि उन्हें अस्थमा और फीवर जैसी बीमारियां नहीं होती।

इससे साबित होता है कि जानवरों का साथ बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत करता है। तो उम्मीद है कि अगली बार जब आपको किसी पेट्स को घर लाने का मौका मिलेगा, तो आप सिर्फ बच्चों की हेल्थ की वजह से उन्हें इनकार नहीं करेंगे और मेरी बात याद रखिएगा कि वाकई एक पालतू जानवर जैसा यार कहीं नही मिल सकता क्योंकि वो आपको सच्चा प्यार करता है, बिना किसी छल कपट के। धन्यवाद
-sugyata

डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। जरूरी नहीं कि वे विचार या राय Momspresso.com (पूर्व में mycity4kids) के विचारों को प्रतिबिंबित करते हों .कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की हैं और Momspresso की उसके लिए कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं है ।

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