• Register as an Author at स्त्रीRang
  • Login
  • September 30, 2020

सबके राम

इसके राम
उसके राम
जो मन सुमिरै
उसके राम !

कौशल्या के
नंदन बनकर,
चाँद खिलौना
लेते राम!

शिव धनुष की
प्रत्यंचा बाँधें,
जनक पुत्री
सीता के राम !

दशरथ के वचनों
को थामे,
कैकयी की कसमों
के राम !

शबरी जूठे
बेर खिलाती,
केवट की नाव में
बैठे राम !

भाई भरत का
मान बढ़ाते,
चरण पादुका में
बसते राम !

अरण्य वन में
सिया बिन तड़पे,
जटायु से पता ,
पूछते राम !

गिलहरी का
वंदन करते,
अहल्या को मुक्ति
दिलाते राम !

रामसेतु की
महिमा अद्भुत,
पत्थर भी
तैराते राम !

हनुमान के
हृदय में बसते,
लंका पर विजय
हैं पाते राम!

भव से सबको
पार उतारें
त्रेता युग के
राजा राम !

महिमा राम की
पता न हो तो,
कहकर देखो,
जय सियाराम !

अयोध्या में
सदा विराजे,
जय श्रीराम
जय श्रीराम !

1 Review

Good
5

Good

Excellent jai shree Ram

Write a Review

Share This

Sugyata

Read Previous

निशानी

Read Next

तिरंगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *